जीवन को अध्यात्म की दिशा दिखाते हैं बारह व्रत

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जीवन को अध्यात्म की दिशा दिखाते हैं बारह व्रत

पेटलावद
अभातेयुप के निर्देशन में तेयुप द्वारा मुनि वर्धमान कुमार जी के सान्‍निध्य में बारह व्रत कार्यशाला का आयोजन किया गया। तेयुप, पेटलावद के अध्यक्ष रूपम पटवा ने बारह व्रत कार्यशाला के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। मुनि वर्धमान कुमार जी ने श्रावक समाज को बारह व्रत के विषय में अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि जैन सिद्धांतों को ध्यान में रखकर आचार्यों द्वारा बारह व्रतों का निर्माण किया गया, जिससे संसार में रहकर गृहस्थ जीवन व्यतीत करते हुए भी व्यक्‍ति कर्मों के बंधन को कम कर सकता है।
तेयुप मंत्री महेश भंडारी ने बताया कि इस वर्ष कई श्रावक-श्राविकाओं द्वारा मुनिश्री से बारह व्रत की महत्ता समझकर स्वीकार किए। श्रावक समाज में आध्यात्मिक विकास हेतु संस्था समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम करती रहती है।