अर्हम्

अर्हम्

महामनस्विनी महायशस्विनी महातेजस्विनी नवनिर्वाचित तेरापंथ धर्मसंघ की नवम साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा जी के पावन पादारविंदों में साध्वी रतनश्री, साध्वी सुव्रता, साध्वी सुमनप्रभा, साध्वी कार्तिकप्रभा एवं साध्वी चिंतनप्रभा की सहस्रशः सादर सविधि सभक्ति प्रणति एवं अनंतशः बधाई। सतीशेखरे! आचार्यप्रवर के पावन दीक्षा दिवस समारोह के स्वर्णिम अवसर पर साध्वीप्रमुखा की नियुक्ति की घोषणा हमने सुनी तो हमारे हृदय सिंधु में हर्ष और उल्लास की उत्ताल तरंगे उछलने लगी। भाव-विभोर होकर अतीत की अनेक स्मृति भविष्य की सुनहली कल्पनाएँ हमारे नयन पटल उभरने लगी।
साध्वी शिरोमणे! आपने विकास के एकेक सोपानों पर आरोहण करते-करते आज सर्वोच्च शिखर को छू लिया है। दो महीनों से रिक्त साध्वीप्रमुखा के गरिमामय स्थान को पुनः अभिमंडित कर दिया है। साध्वी संरक्षिके! आप आचार्यप्रवर द्वारा प्राप्त पुण्य आशीर्वाद से अपने दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वाह करती रहें। साध्वी समाज को मातृहृदया बनकर ममता प्रदान करती रहें। तेरापंथ धर्मसंघ की गरिमा में चार चाँद लगाती रहें। निरामय बनकर संयम-साधना में बढ़ती रहें।
इन्हीं ढेर सारी शुभाशंसाओं, शुभकामनाओं एवं मंगलभावनाओं के साथ-
आपकी विनीता साध्वी रतनश्री, श्रीडूंगरगढ़