भगवान महावीर जन्म कल्याणक का आयोजन

संस्थाएं

भगवान महावीर जन्म कल्याणक का आयोजन

राजलदेसर।
भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक दिवस साध्वी मंगलप्रभा जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन में आयोजित किया गया। साध्वीश्री जी ने नमस्कार महामंत्र के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात ममता कुंडलिया ने मंगलाचरण किया। साध्वी मंगलप्रभा जी ने कहा कि दिगंबर व श्वेतांबर हर परंपरा में जन्म कल्याणक मनाया जाता है। भगवान महावीर का मूलभूत सिद्धांत हैµसत्य, अहिंसा, अपरिग्रह। इन तीनों पर संक्षेप में प्रकाश डाला।
इस अवसर पर साध्वी प्रणवप्रभाजी एवं साध्वी सुमनकुमारी जी ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। महिला मंडल एवं कन्या मंडल ने गीतिका के द्वारा भगवान महावीर की अभिवंदना की। ज्ञानशाला के बच्चों ने सुंदर नाटिका की प्रस्तुति दी। तेरापंथी सभा द्वारा प्रभातफेरी का आयोजन किया गया जिसमें सभा, महिला मंडल, तेयुप, कन्या मंडल, किशोर मंडल, अणुव्रत समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों तथा ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों एवं राम0 उ0मा0 विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में साध्वी मंगलप्रभा जी की सहवर्ती साध्वी सुमन कुमारी जी की दीक्षा स्वर्ण जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर साध्वी मंगलप्रभा जी ने साध्वी सुमन कुमारी जी के प्रति प्रमोद भावना की अभिव्यक्ति देते हुए गुरुदेवश्री के प्रति स्वर्गीया शासनश्री साध्वी फूलकुमारी जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। साध्वी प्रणवप्रभाजी एवं साध्वी समप्रभाजी ने मंगलभावना व्यक्त की। पवन बोथरा के द्वारा आचार्यश्री महाश्रमण जी के द्वारा प्रदत्त संदेश का वाचन किया गया तत्पश्चात साध्वी सुमन कुमारी जी ने अपने 50वें दीक्षा दिवस पर अपने विचारों की प्रस्तुति दी।
सभा अध्यक्ष नौरतनमल बैद ‘मूथा’, महिला मंडल अध्यक्षा प्रेम देवी विनायकिया, तेयुप अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने साध्वीजी के प्रति मंगलकामना व्यक्त की। छापर से समागत राकेश दुधेड़िया, तारा देवी दुधेड़िया, रेशमी बोहरा, अनीता बैद, दिलीप सुराणा, सौभाग सुराणा ने भी अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का संचालन साध्वी समप्रभाजी द्वारा किया गया।