आचार्यश्री भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर आयोजन

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आचार्यश्री भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर आयोजन

हैदराबाद
साध्वी त्रिशलाकुमारी जी के सान्निध्य में चैतन्यपुरी वासुपूज्य जैन मंदिर के प्रांगण में आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस एवं स्वागत समारोह मनाया गया। साध्वीश्री जी का नगर प्रवेश के अवसर पर तेरापंथी सभा द्वारा स्वागत रैली का आयोजन भी ओमनी हॉस्पिटल से जैन मंदिर तक किया गया, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीश्री द्वारा नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ। मंगलाचरण तेरापंथ महिला मंडल की बहनों द्वारा हुआ।
इस अवसर पर साध्वी कल्पयशाजी ने कहा कि संतों का समागम जिस गाँव, नगर, शहर में होता है वह धरा धन्य हो जाती है। भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए साध्वीश्री जी ने कहा कि आज के दिन आचार्य भिक्षु ने शिथिलाचार के विरुद्ध धर्म क्रांति की थी। आचार्य भिक्षु से पहले भी ना जाने कितनी क्रांतियाँ हुई हैं और उनके बाद भी कितनी क्रांतियाँ हुई होंगी। साध्वी रश्मिप्रभा जी की गीतिका ने पूरी सभा में समा बांध दिया।
साध्सवी त्रिशला कुमारी जी ने कहा कि जिन्होंने सत्य के लिए क्रांति की है उनको विरोधियों का सामना करना पड़ा है।
साध्वीश्री जी ने कहा कि हम भगवान महावीर वाणी के आधार पर विशाखापट्टनम से विहार करते हुए हैदराबाद के चैतन्यपुरी में पहुँच गए हैं। तेरापंथी सभा, सिकंदराबाद के अध्यक्ष सुरेश सुराणा, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष अनिता गीड़िया, तेयुप के मंत्री वीरेंद्र घोषल, टीपीएफ के सहमंत्री अणुव्रत सुराणा, अणुव्रत समिति के मंत्री अशोक मेड़तवाल ने साध्वीवृंद का नगर प्रवेश पर अपने भावों द्वारा स्वागत किया।
चैतन्यपुरी के श्रावकों द्वारा गीतिका का संगान किया। वासुपूज्य जैन मंदिर की तरफ से हर्ष कुमार मणोत ने साध्वीश्री और संघ का स्वागत किया। इस अवसर पर अशोक नाबरिया एवं मंदिर ट्रस्ट के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील सुराणा और तेरापंथी सभा के सहमंत्री धर्मेन्द्र चोरड़िया का विशेष श्रम रहा। आभार ज्ञापन तेरापंथी सभा, सिकंदराबाद के मंत्री सुशील संचेती द्वारा किया गया।